वाक्यांश

हिन्दी ब्रेल में रोज़ के वाक्यांश

८ वाक्यांश, हर एक का अपना पन्ना, ख़ाने गिने हुए — और हर एक संहिता का कोई एक नियम काम करता हुआ दिखाता है।

ये वाक्यांश केवल अनुवाद के नमूने नहीं हैं। हर एक इसलिए चुना गया है कि उसमें इस संहिता का कोई नियम साफ़ दिखता है — कहीं हलन्त जगह बदलता है, कहीं एक अक्षर दो ख़ाने लेता है, कहीं तीन वर्ण मिलकर एक ख़ाना बनते हैं।

वाक्यांश

हिन्दी ब्रेल में वाक्यांश, ख़ानों की गिनती के साथ
वाक्यांशब्रेलख़ानेवर्ण
नमस्ते६६
कृपया६५
क्षमा कीजिए८१०
हाँ३३
नहीं४४
धन्यवाद७७
ज़रूरी६६
मैं तुमसे प्यार करता हूँ२०२०

दो अन्तिम स्तम्भ अलग-अलग हैं और यही देखने लायक़ है। कृपया में ख़ाने अक्षरों से ज़्यादा हैं, क्षमा कीजिए में कम। इस संहिता में अक्षर गिनकर ख़ाने नहीं निकाले जा सकते।

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